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Banaskantha Factory Blast : गुजरात में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका से मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की दर्दनाक मौत, परिवारों में छाया मौत का मातम

गुजरात में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका से मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की दर्दनाक मौत, परिवारों में छाया मौत का मातम

Banaskantha Factory Blast : गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में मंगलवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ, एक दिल दहला देने वाली घटना सामने वाली है जिसे देखकर आपके रौंगटे घड़े हो जायेंगे है जिसमें मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की मौत हो गई। यह फैक्ट्री हरदा जिले के हंडिया और देवास जिले के संबलपुर से गए मजदूरों को रोजगार देती थी। हादसे के समय ये मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे, जब अचानक बॉयलर फटने से विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक फैल गए, जिससे घटनास्थल पर हड़कंप मच गया।

मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बनासकांठा फैक्ट्री विस्फोट के पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। “गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में मृतकों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। हमारे कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस/प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय के लिए घटनास्थल पर भेज दिया गया है तथा वे हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले सभी सांसदों की ओर से

दुर्घटना में पांच बच्चों और पांच महिलाओं की मौत हो गई, जिससे पता चलता है कि श्रमिक अपने परिवारों के साथ गोदाम परिसर में रह रहे थे। सभी मृतक मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिले के निवासी थे। विस्फोट के कारण आरसीसी स्लैब गिर गया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग दब गए। यहां तक ​​कि उसी परिसर में रहने वाले परिवार के सदस्यों की भी स्लैब ब्लॉक के नीचे दबकर मौत हो गई।

मृतकों में मासूम बच्चे भी शामिल

मरने वाले बच्चों में 3 से 12 वर्ष की आयु के मासूम बच्चे शामिल थे। दूसरी ओर, वयस्कों की आयु 19 से 50 वर्ष के बीच थी। तीन साल की एक बच्ची समेत छह लोग घायल हो गए। SP अक्षयराज मकवाना ने बताया कि विस्फोट के बाद स्लैब गिरने से मृतकों की संख्या इतनी अधिक हो गई। police accident के कारण की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि गोदाम में पटाखों का अवैध रूप से भंडारण किया जा रहा था।

लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया

फिलहाल पुलिस(At present the police) ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। डिप्टी एसपी की अध्यक्षता(Chairmanship of Deputy SP) में एक एसआईटी भी गठित की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गोदाम ने पहले पटाखे रखने का लाइसेंस प्राप्त किया था, लेकिन 31 दिसंबर के बाद इसका नवीनीकरण नहीं किया गया। जब उन्होंने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, तो प्रशासन ने पाया कि गोदाम में उचित सुविधाएं नहीं हैं, जिससे लाइसेंस पर रोक लगा दी गई।

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